कृत्रिम बुद्धिमता (AI) मानव जीवन का वरदान या अभिशाप हमारे विद्यालय रवींद्रनाथ वर्ल्ड स्कूल में 23 अगस्त को अंतर्विद्यालयी वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित हुई। जिसका शीर्षक था - कृत्रिम बुद्धिमता (AI) मानव जीवन का वरदान या अभिशाप ।
इस कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की निदेशक श्रीमती मनीषा तोमर जी, मुख्य अतिथि प्रज्ञा अग्रवाल, प्रधानाचार्या श्रीमती पूनम ग्रोवर, विभागाध्यक्षा श्रीमती कमलेश चौधरी तथा निर्णायक मंडल के तीनों सदस्यों ने ज्ञान की देवी माँ सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर पुष्पांजलि अर्पित की।
विद्यालय में आयोजित प्रतियोगिता में लगभग 17 विद्यालयों के 34 बच्चों ने भाग लिया। जिसमें सभी कृत्रिम बुद्धिमता (AI) मानव जीवन का वरदान या अभिशाप के पक्ष और विपक्ष में अपने विचार प्रस्तुत किए और उन्हीं के शिक्षकों द्वारा उनसे महत्वपूर्ण प्रश्न किए गए। जिसमें सर्वश्रेष्ठ प्रथम पुरस्कार सी.सी. ए. विद्यालय को मिला। चेयरमैन यशवंत सिंह तोमर जी ने बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए प्रतियोगिता के महत्व को बताते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन से बच्चों को अपनी अभिव्यक्ति प्रस्तुत करने और बौद्धिक क्षमता का विकास करने का अच्छा अवसर प्राप्त होता है। मुख्य अतिथि जी ने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएँ होने से बच्चे मशीनी युग की अनेक समस्याओं से अवगत होगें।
विद्यालय की प्रधानाचार्या जी ने सभी प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि मशीनी युग वरदान के साथ - साथ अभिशाप भी है। इसका सही उपयोग राष्ट्र के उत्थान में सहायक हो सकता है और दुरुपयोग से कई हानियाँ भी हो सकती है। अतः सही नज़रिए की आवश्यकता है ताकि इसका सही उपयोग हो सके ।